सिमडेगा ज़िले में एमएसएमई क्षेत्र को सुदृढ़ और संगठित करने के उद्देश्य से एक विशेष उद्यमिता पंजीकरण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड सरकार के उद्योग विभाग एवं झारखंड औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम द्वारा विश्व बैंक समर्थित पहल के अंतर्गत पूर्वी-टैंसेर पंचायत भवन परिसर में संपन्न हुआ। शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के नवोदित और मौजूदा उद्यमियों को औपचारिक रूप से एमएसएमई इकाइयों के रूप में पंजीकृत करना, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ दिलाना था।
शिविर के दौरान प्रतिभागियों को ऑनलाइन उद्यम पंजीकरण की प्रक्रिया की चरणबद्ध और प्रत्यक्ष जानकारी दी गई। इस पहल का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि कुल 21 उद्यमियों ने मौके पर ही अपना उद्यम पंजीकरण सफलतापूर्वक कराया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ईओडीबी मैनेजर, जिला उद्योग केंद्र के सलमान खुर्शीद ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ है और इस प्रकार के जागरूकता शिविर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
पूर्वी-टैंसेर पंचायत की मुखिया अगुस्ता डुंगडुंग ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए स्थानीय निवासियों से अधिक से अधिक उद्यम स्थापित करने और स्वरोजगार के अवसरों को अपनाने का आह्वान किया। वहीं पंचायत सचिव ने किसानों, महिला समूहों और युवाओं के लिए उपलब्ध स्वरोजगार के विविध अवसरों पर जानकारी साझा की और बताया कि एमएसएमई के माध्यम से इन अवसरों का व्यापक स्तर पर लाभ उठाया जा सकता है।
इस शिविर में WCSF CharitySpirit Foundation ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। फाउंडेशन के सूचना एवं सेवा अधिकारी नंदकिशोर सेनापति ने युवाओं और संभावित उद्यमियों को व्यवसाय आरंभ करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, मेंटरशिप, वित्तीय सहायता और संस्थागत सहयोग से संबंधित महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने बताया कि सही दिशा-निर्देशन और संसाधनों के माध्यम से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र के युवा भी सफल उद्यमी बन सकते हैं।
कार्यक्रम में लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया और एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं को गहराई से समझा। इसके साथ ही उन्हें व्यावसायिक नियोजन, वित्तीय प्रबंधन, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव जैसी व्यावहारिक जानकारियाँ भी प्रदान की गईं।
यह उद्यमिता पंजीकरण एवं जागरूकता शिविर न केवल उद्यमियों को औपचारिक आर्थिक ढाँचे से जोड़ने में सफल रहा, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने, युवाओं में उद्यमशीलता की भावना विकसित करने और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी और सकारात्मक पहल के रूप में अपनी पहचान बनाने में भी सफल सिद्ध हुआ।
सिमडेगा ज़िले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित विशेष उद्यमिता पंजीकरण एवं जागरूकता शिविर ने नवोदित और मौजूदा उद्यमियों को औपचारिक आर्थिक तंत्र से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।