डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन द्वारा खूँटी ज़िले के अड़की प्रखंड में आज एक महत्वपूर्ण जागरूकता एवं सहयोग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत +2 हाई स्कूल की छात्राओं को ऑर्गेनिक सैनिटरी पैड्स वितरित किए गए। यह कार्यक्रम ब्लॉक कोऑर्डिनेटर गंगा पुरन के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिनकी सक्रिय भूमिका और समर्पण ने इस पहल को प्रभावी और सफल बनाया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्य-अनुकूल मासिक धर्म उत्पाद उपलब्ध कराना था, ताकि वे बिना किसी झिझक या असुविधा के अपने दैनिक जीवन और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें सैनिटरी पैड्स के सही उपयोग, समय पर बदलने और सुरक्षित निपटान के तरीकों के बारे में समझाया गया। विशेष रूप से यह बताया गया कि ऑर्गेनिक और बांस आधारित सैनिटरी पैड्स रसायन-मुक्त होते हैं, त्वचा के लिए सुरक्षित होते हैं और पर्यावरण पर भी नकारात्मक प्रभाव नहीं डालते, जिससे यह विकल्प पारंपरिक उत्पादों की तुलना में अधिक स्वास्थ्य-अनुकूल और टिकाऊ है।
इस जागरूकता सत्र के दौरान कई छात्राओं ने पहली बार पर्यावरण-अनुकूल सैनिटरी पैड्स के बारे में जाना और उत्सुकता के साथ सवाल पूछे। उनकी सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि इस प्रकार के कार्यक्रम किशोरियों की वास्तविक जरूरतों, जिज्ञासाओं और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संवादात्मक माहौल के कारण छात्राएँ खुलकर अपनी बात रख सकीं और सही जानकारी प्राप्त कर सकीं।
डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन का स्पष्ट लक्ष्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की सभी किशोरियों तक मासिक धर्म स्वच्छता से संबंधित सही जानकारी और सुरक्षित संसाधन पहुँचाना है। संस्था का विश्वास है कि जब बेटियाँ स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी होंगी, तभी वे शिक्षा में निरंतरता बनाए रख सकेंगी और अपने भविष्य को उज्ज्वल दिशा दे सकेंगी। यह कार्यक्रम उसी दृष्टिकोण के साथ महिलाओं और किशोरियों के सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक सशक्त और सार्थक कदम है।
खूँटी ज़िले के अड़की प्रखंड में WCSF CharitySpirit Foundation द्वारा +2 हाई स्कूल की छात्राओं के लिए आयोजित जागरूकता एवं सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत ऑर्गेनिक सैनिटरी पैड्स का वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य किशोरियों को सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल मासिक धर्म प्रबंधन के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना रहा।