+91 8779003617 wcsfindia1ngo@gmail.com Mon-Sat: 9:00 AM - 5:00 PM
स्वस्थ महिला, स्वस्थ समाज — WCSF CharitySpirit Foundation महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए निरंतर कार्यरत है। महिला हिंसा के विरुद्ध एकजुट हों — WCSF CharitySpirit Foundation महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए सतत जागरूकता अभियान चला रही है। 12A and 80G Permanent Registered NGO | Donate with Tax Benefits |

WCSF CHARITYSPIRIT FOUNDATION

"Government of India Recognized Non-Profit Organization"

डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन की पहल रंग लाई, कर्रा में वैज्ञानिक खेती प्रशिक्षण से किसानों में जगी आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद

१५० किसानों को आधुनिक खेती, मशरूम उत्पादन एवं सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी


खूंटी : ग्रामीण किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन की पहल कारगर साबित हो रही है। इसी कड़ी में खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत दिगाडोन गाँव में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की परियोजना के तहत कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय के किसानों की आजीविका, पोषण एवं आय को वैज्ञानिक खेती के माध्यम से सशक्त बनाना था। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, प्लांडू, राँची द्वारा किया गया। वहीं डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन, कर्रा-खूंटी ने सहयोगी संस्था के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए ग्रामीण किसानों को कार्यक्रम से जोड़ने, कृषि जागरूकता फैलाने तथा वैज्ञानिक खेती की जानकारी गाँव-गाँव तक पहुँचाने का कार्य किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग १५० किसान, महिला समूहों एवं ग्रामीण युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मशरूम उत्पादन, सब्जी खेती एवं सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, प्लांडू के वरिष्ठ वैज्ञानिक वीरेंद्र कुमार यादव ने किसानों को वैज्ञानिक खेती के महत्व पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाने से कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक समाधान भी बताए।

वैज्ञानिक अजीत कुमार झा ने जलवायु आधारित वर्षभर मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम बन सकता है। साथ ही किसानों को उत्पादन लागत कम करने एवं विपणन के तरीकों से भी अवगत कराया गया।

वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं सब्जी विज्ञान विशेषज्ञ डॉक्टर मीनू ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से सब्जी उत्पादन, उन्नत बीज चयन, पोषण प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण तथा सिंचाई प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के आधुनिक उपायों से प्रशिक्षित किया।

डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन के संस्थापक जितेंद्र कुमार वर्मा ने किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित कृषि, स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, महिलाओं एवं युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है तथा आगे भी ऐसे प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

कार्यक्रम में राज्य समन्वयक प्रियंका कुमारी, प्रखंड समन्वयक जेसिंता गुड़िया, पंचायत महिला मित्र सुरेखा देवी, आशा मुंडा, ग्राम सखी जुलियानी तिर्की, फुलमनी टोप्पो, चरिया तिर्की सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण महिलाएँ उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के समापन पर किसानों के बीच उन्नत किस्म के बीजों का वितरण किया गया। किसानों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें वैज्ञानिक खेती अपनाने और आत्मनिर्भर बनने की नई दिशा मिली है।
Share this article:
Subscribe to Newsletter

Get the latest news and updates directly in your inbox.