खूंटी : झारखंड के खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत दिगाडोन गाँव में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की परियोजना के तहत कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आजीविका, पोषण एवं आय को सशक्त बनाना था।
इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, प्लांडू, राँची द्वारा किया गया, जबकि डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन, कर्रा, खूंटी ने सहयोगी संस्था के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था द्वारा किसानों को कार्यक्रम से जोड़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने तथा कृषि संबंधी जानकारी पहुँचाने में सक्रिय योगदान दिया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के लगभग १५० किसान, महिला समूहों एवं ग्रामीण युवाओं ने भाग लिया। किसानों में आधुनिक खेती, मशरूम उत्पादन, सब्जी खेती एवं सरकारी योजनाओं के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, प्लांडू के वरिष्ठ वैज्ञानिक वीरेंद्र कुमार यादव ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं परियोजना के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बताया कि वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने पर कम लागत में अधिक उत्पादन संभव है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। उन्होंने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके व्यावहारिक समाधान भी बताए।
वैज्ञानिक अजीत कुमार झा ने वर्षभर मशरूम उत्पादन की तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को मशरूम उत्पादन के आधुनिक तरीके, कम लागत में उत्पादन शुरू करने की प्रक्रिया तथा विपणन की संभावनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम बन सकता है।
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं सब्जी विज्ञान विशेषज्ञ डॉक्टर मीनू ने वैज्ञानिक तरीके से सब्जी उत्पादन की उन्नत तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने उन्नत बीज चयन, पोषण प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा सिंचाई प्रबंधन के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन के संस्थापक जितेंद्र कुमार वर्मा ने किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संस्था लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, महिलाओं एवं युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी।
कार्यक्रम में राज्य समन्वयक प्रियंका कुमारी, प्रखंड समन्वयक जेसिंता गुड़िया, पंचायत महिला मित्र सुरेखा देवी, आशा मुंडा, ग्राम सखी जुलियानी तिर्की, फुलमनी टोप्पो, चरिया तिर्की सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण महिलाएँ उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के समापन पर किसानों के बीच उन्नत किस्म के बीजों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम किसानों के बीच वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
झारखंड प्रहरी